September 2, 2007

हल्‍दी में नहीं थमेगी तेजी

हल्‍दी की बोआई देश में इस साल लगभग 25 फीसदी कम होने और स्‍टॉकिस्‍टों की पकड़ से अब इसमें बड़ी मंदी बीते दिनों की बात बनने वाली है। हल्‍दी उत्‍पादक इलाकों से आ रहे आंकड़ों के मुताबिक अगले सीजन में इसका आरंभिक उत्‍पादन 40-41 लाख बोरी (प्रति बोरी 75 किलो) रहने की संभावना है। उत्‍पादन घटने की इस आशंका की वजह से स्‍टॉकिस्‍ट अपने पास रखी हल्‍दी बेचने की जल्‍दबाजी में नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि हल्‍दी की घरेलू और निर्यात मांग बनी हुई है।

देश में 25 अगस्‍त तक हल्‍दी का स्‍टॉक 22-23 लाख बोरी (प्रति बोरी 75 किलो) था, जो पूरी तरह स्‍टॉकिस्‍टों के हाथ में है। किसान अपने पास रखी हल्‍दी पहले ही बेचकर खाली हो चुके हैं। पिछले तीन महीने से हल्‍दी में गिरावट थम गई है और धीरे धीरे इसके भाव बढ़ते जा रहे हैं जो इस बात का संकेत हैं कि हल्‍दी मजबूत हाथों में है। निजामाबाद में स्‍टॉकिस्‍टों के पास दो लाख बोरी हल्‍दी है, जबकि सांगली में स्‍टॉकिस्‍टों के पास सवा दो लाख बोरी, दुग्‍गीराला में चार लाख बोरी, ईरोड में साढ़े पांच लाख बोरी और वरंगल में डेढ़ लाख बोरी हल्‍दी है। हल्‍दी हाजिर बाजार की बात करें तो पिछले एक महीने में निजामाबाद क्‍वॉलिटी में हल्‍दी के दाम 150 रुपए, देसी कडप्‍पा में दो सौ रुपए और ईरोड क्‍वॉलिटी में सौ रुपए क्विंटल की बढ़त आ चुकी है।

देश में हल्‍दी की बोआई लगभग पूरी हो चुकी है। इस साल हल्‍दी की बोआई 25 फीसदी घटी है, जबकि कुछ जगह यह 30 फीसदी तक कम है। महाराष्‍ट्र के किसानों की रुचि गन्‍ने में बढ़ी है तो आंध्र प्रदेश के किसान लाल मिर्च और सोयाबीन से जुड़े हैं। यही हाल तमिलनाडु का है। आंध्र प्रदेश में निजामाबाद साइड पानी की तंगी है जिससे हल्‍दी की मौजूदा फसल को पानी मिलने की उम्‍मीद कम है। गौरतलब है कि हल्‍दी की नौ महीने की फसल को आठ पानी की जरुरत पड़ती है जो इस बार मिलना कठिन लग रहा है।

देश में इस साल 52 लाख बोरी हल्‍दी का उत्‍पादन हुआ, जबकि अगले सीजन में यह 40-41 लाख बोरी रहने का आरंभिक अनुमान है। देश में हल्‍दी की खपत निर्यात सहित 48-49 लाख बोरी है। अगले सीजन में हल्‍दी का ओपनिंग स्‍टॉक 12-13 लाख बोरी रहने का अनुमान है। जबकि इस ओपनिंग स्‍टॉक में से सात से आठ लाख बोरी हल्‍दी किसी भी भाव पर नहीं बिकेगी क्‍योंकि हर साल इतनी हल्‍दी डेड स्‍टॉक के रुप में रहती है। कम फसल का अनुमान और मांग जारी रहने से अगले साल फरवरी/मार्च तक हल्‍दी हाजिर में मौजूदा भाव स्‍तर से आठ सौ रुपए क्विंटल तक बढ़ सकती है।

सांगली में निजामाबाद क्‍वॉलिटी हल्‍दी 2290/2740 रुपए, देसी कडप्‍पा 2450/2750 रुपए, सेलम 2990/3530 रुपए और राजापुरी बेस्‍ट 2790/3440 रुपए प्रति क्विंटल बोली जा रही है। ईरोड में हल्‍दी के दाम 2075/2125 रुपए क्विंटल बोले जा रहे हैं।

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