मूंग में मंदी का दौर अभी पूरा नहीं हुआ है। घरेलू बाजारों में बिहार, आंध्र प्रदेश के अलावा म्यांमार से नई मूंग आ रही है और जल्दी ही महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश की नई मूंग का दबाव इसके दामों को तोड़ने का काम करेगा। साथ ही मध्य प्रदेश, गुजरात की मूंग पहले ही भावों को ढीला कर चुकी है। कारोबारियों पर भरोसा करें तो देश में इस साल मूंग की फसल पिछले साल की तुलना में ढाई गुना अधिक है। इस उत्पादन बढ़ने की वजह मूंग के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 220 रुपए की बढ़ोतरी होना है। केंद्र सरकार ने मूंग का इस साल न्यूनतम समर्थन मूल्य 220 रुपए बढ़ाकर 1740 रुपए तय कर दिया है। पिछले साल मूंग की फसल कमजोर होने से इसके दाम जोरदार ढंग से चढ़े थे। पिछले साल मूंग 3400/3600 रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी थी जो इस समय 2600/2800 रुपए क्विंटल चल रही है। यंगून की मूंग दिल्ली में 3150 रुपए, गुजरात 2600/2700 रुपए और मूंग धोया 3800/4200 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है। मध्य प्रदेश में इंदौर में मूंग गर्मी की 2300/2450 रुपए क्विंटल बोली जा रही है जो आज 50 रुपए क्विंटल नरम है। इंदौर में मूंग अक्टूबर के आखिर से अब तक तकरीबन एक हजार रुपए क्विंटल टूट चुकी है। राजस्थान में जयपुर में मूंग 2700 रुपए मिल डिलीवरी बिक रही है। कारोबारियों का कहना है कि मूंग की आवक का आने वाले दिनों में दबाव बढ़ेगा और यह 2200 रुपए क्विंटल तक आ जाए तो अचरज नहीं होना चाहिए।
June 4, 2007
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