मेथी में चल रही घरेलू और निर्यात मांग से इसके दामों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले साल मंडियों में मेथी 2875 रुपए क्विंटल के उच्च स्तर पर बिकी थी लेकिन इस साल इसके तीन हजार रुपए क्विंटल के स्तर को पार कर अब तक का नया रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद है।
मेथी उत्पादक मुख्य राज्यों राजस्थान और मध्य प्रदेश में इस साल आठ लाख बोरी (प्रति बोरी 50 किलो) की पैदावार हुई है, जबकि ओपनिंग स्टॉक एक से डेढ़ लाख बोरी था। यानी मेथी की कुल उपलब्धता नौ से साढ़े नौ लाख बोरी रही। इस उपज में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी छह लाख बोरी और राजस्थान की दो लाख बोरी रही जबकि खपत की बात करें तो मेथी की घरेलू खपत छह से आठ लाख बोरी और निर्यात मांग दो लाख बोरी है।
कारोबारियों का कहना है कि रुपया डॉलर की तुलना में मजबूत होने के बावजूद मेथी की निर्यात मांग में कहीं कोई कमी नहीं है और निर्यात बना हुआ हे। यह जून तक बना रहेगा। मेथी में घरेलू मांग मई से अगस्त और नवंबर से जनवरीतक रहती है। मेथी की नई फसल की आवक फरवरी/मार्च के दौरान शुरू हो जाती है। मध्य प्रदेश में जावरा और नीमच एवं राजस्थान में कोटा, बारां और रामगंज मेथी की प्रमुख मंडियां हैं। राजस्थान की कोटा मंडी में मेथी बोल्ड कैटलफीड 1800/1900 रुपए और एवरेज 1900/2000 रुपए क्विंटल बिक रही है, जबकि किराना मेथी 2000/2100 रुपए और सुपर एक्सट्रा किराना क्वॉलिटी 2100/2400 रुपए क्विंटल बोली जा रही है।



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